इतिहास और पृष्ठभूमि

इतिहास और पृष्ठभूमि

वर्ष 1955 में स्व0 एस.आर. नारायण राव, पूर्व प्रमुख, भूतत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय के निर्देशन में निदेशालय की स्थापना हुई थी, जिसके वे माननीय निदेशक के पद पर तैनात हुए। निदेशालय ने अपने कार्य की शुरुआत इंडोलॉजी, सांस्कृतिक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन किया था। वर्ष 1955 में 02 और राजपत्रित अधिकारियों की भर्ती की गई, जिनमें से प्रत्येक भूविज्ञान एवं भूरसायन  से संबंधित थे। स्टाफ को मोती महल, लखनऊ में दो कमरों में समायोजित किया गया एवं, लखनऊ विश्वविद्यालय में जियोकेमिकल प्रयोगशाला की स्थापना की गई। अप्रैल 1958 में लखनऊ विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्ति के पश्चात प्रोफेसर राव ने निदेशालय से भी त्यागपत्र दे दिया एवं डॉ. कृष्ण मोहन, भूवैज्ञानिक को दिसंबर 1958 में निदेशालय का प्रभार सौंप दिया गया।