निदेशालय के बारे में

निदेशालय के बारे में

भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, उत्तर प्रदेश अपने स्थापना वर्ष 1955 से ही राज्य में खनिज पदार्थों के अन्वेषण कार्यों में सक्रिय रूप से संलिप्त है एवं साथ ही खनिज संसाधनों को वैज्ञानिक तकनीकी द्वारा संवर्धन एवं खनिज आधारित उद्योगो के संरक्षण एवं विकास हेतु प्रतिबद्ध रहा है। निदेशालय द्वारा विभिन्न भूगर्भीय, भूरासायनिक सर्वेक्षणों द्वारा खनिज भंडारों के विस्तृत अन्वेषणों के कार्यों को निष्पादित करता है। निदेशालय की प्रत्येक गतिविधि का लखनऊ स्थित मुख्यालय एवं झांसी, प्रयागराज, आगरा, सोनभद्र, अयोध्या, बरेली, गोरखपुर, गाजियाबाद एवं लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा अनुश्रवण किया जाता है। हमारे भू-वैज्ञानिकों के सतत परिश्रम द्वारा राज्य में विभिन्न खनिज संसाधनों की खोज की गई है जैसे सीमेंट ग्रेड लाइमस्टोन, डोलोमाइट, सिलिका, सैंड बॉक्साइट, चाइना क्ले, सिलिमेनाइट, ग्लुकोनेट सैंडस्टोन (पोटैश), रॉक फॉसफेट, गोल्ड, एसबेस्टोस, क्वार्ट्ज, पाइरोफिलाइट, डायस्पोर, लौह अयस्क एवं डायमेंशनल ग्रेनाइट/सैंडस्टोन आदि। वर्तमान में प्रदेश में कोयला, सीमेंट ग्रेड लाइमस्टोन का खनन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त स्टोन बैलेस्ट एवं सैंड/मोरम के पट्टों को राज्य में स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके माध्यम से वित्तीय वर्ष 2017-18 में रु 3200 करोड़ रूपयों के राजस्व की प्राप्ति की गई है। वर्तमान में हमारे भू-वैज्ञानिक प्लैटिनम समूह तत्वों के, अयस्क, फॉस्फेट, डायमेंशनल स्टोन एवं भू-पर्यावरणीय का अध्ययन कर रहे हैं।