रासायनिक प्रयोगशालाएं

भूतत्त्व एवं खनन में रसायन अनुभाग का योगदान

  • भूगर्भीय नमूनों की गुणवत्ता का निर्धारण|
  • खनन द्वारा पड़ रहे पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन|

रसायन अनुभाग की विभिन्न प्रयोगशालाएँ

  • अयस्क प्रसाधन प्रयोगशाला
  • फायर एस्से प्रयोगशाला
  • एटॉमिक एब्जॉर्पशन स्पेक्ट्रोस्कोपी प्रयोगशाला (ए.ए.एस.)
  • पारम्परिक प्रयोगशाला

अयस्क प्रसाधन प्रयोगशाला

खनिज सामग्री में से मूल्यवान तत्त्वों को अलग करना ही अयस्क प्रसाधन प्रयोगशाला का मुख्य उद्देश्य है | इस प्रयोगशाला में भू-रासायनिक नमूनों को रासायनिक परीक्षण हेतु तैयार किया जाता है | इसमें दो प्रक्रियाएँ अपनाई जाती हैं :-

  • विचूर्णन
  • परिश्करण

विचूर्णन में प्रयुक्त होने वाले संयंत्र

बिग जॉ क्रशर

इसकी सहायता से 3-4 सेमी वाले नमूने को 2-3 सेमी आकार में बदला जाता है |

रोल क्रशर

यह 2-3 सेमी के नमूनों को मूँगफली के आकार में बादल देता है |

पलवराइजर

इसके द्वारा मूँगफली के आकार के नमूनों को वांछित जाल में बदला जाता है |

एजीटेटर रोलर

इसकी सहायता से निकट परिपथ में प्राप्त खनिज में एकरूपता से पाउडर का मिश्रण किया जाता है |

वर्टिकल ग्राइंडर

इसकी सहायता से निकट परिपथ में एकरूपता से मिश्रित खनिज लाया जाता है |

सीव शेकर

यह यंत्र नमूनों में मौजूद कणों के आकार का प्रतिशत निर्धारण करता है |

परिष्करण में प्रयुक्त होने वाले संयंत्र

सेन्ट्रीफ्यूगल क्लासीफायर

यह आधात्री सामग्रियों अथवा बड़ी मात्रा में उपलब्ध नमूनों में से भारी तत्त्व अलग करता है |

डेनवर फ्लोटेशन सेल

इस अनुभाग में झाग तैराने की प्रक्रिया अपना कर आधात्री सामग्रियों में से मूल्यवान सामग्रियाँ अलग की जाती हैं |

न्यूमैटिक क्लासीफायर

आधात्री सामग्रियों से हवा का प्रयोग करके बड़े कण अलग किए जाते हैं|

इंड्यूस्ड रोल मैगनेटिक सेपरेटर

इसके द्वारा चुंबकीय एवं अ-चुंबकीय तत्त्वों को बड़े नमूनों से अलग किया जाता है |

आईसो डायनमिक मैगनेटिक सेपरेटर

खनिज सामग्रियों में चुंबकीय संपदा का अंतर इस चुंबकीय विभाजक की सहायता से पता लगाया जाता है |

फायर एस्से प्रयोगशाला

  • यह प्रयोगशाला उन मूल्यवान धातुओं का मात्रात्मक रासायनिक विश्लेषण करती है जो उच्च ताप एवं शुष्क अभिकर्मिकों द्वारा निर्धारित किए जाते हैं |
  • वर्तमान में स्वर्ण धातु का विश्लेषण किया जा रहा है |

एटॉमिक एब्जॉर्पशन स्पेक्ट्रोस्कोपी प्रयोगशाला

  • एटॉमिक एब्जॉर्पशन स्पेक्ट्रोस्कोपी अथवा (एएएस) प्रयोगशाला में विकिरण अवशोषण का प्रयोग करके मात्रात्मक निर्धारण किया जाता है | यह प्रक्रिया आवर्त सारणी के लगभग 70 तत्त्वों को विश्लेषित कर सकती है |
  • वर्तमान में बेस धातुएँ यथा तांबा, जस्ता, लेड, सोना, चांदी इत्यादि का विश्लेषण किया जा रहा है |

पारम्परिक प्रयोगशाला

इस लैब में किसी भी नमूने के सभी आक्साइड्स का निर्धारण किया जाता है | इस विश्लेषण में सम्मिलित हैं :-

  • लास ऑन इग्नीशन
  • SiO2 + अघुलनशील
  • शुद्ध सिलिका
  • मेटल आक्साइड्स (R203)
  • कैल्सियम आक्साइड
  • मैग्नीशियम आक्साइड
  • सोडियम आक्साइड
  • पोटैशियम आक्साइड
  • टाइटेनियम आक्साइड
  • मैगनीज आक्साइड